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The Intelligent Investor In Hindi, Book Summary, Full Information
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The Intelligent Investor in Hindi: द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर से सीखे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने के तरीके और अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी को बनाए एक बुद्धिमान व्यक्ति की तरह।

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“दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर” बुक (The Intelligent Investor Book) को शेयर मार्केट की बाइबल कहा जाता है। यह बुक सबसे पहले 1949 में पब्लिश हुई। यह तो आप जानते ही होंगे कि अधिकतर लोग शेयर मार्केट से डरते हैं। जबकि शेयर मार्केट अमीर बनने का एक बहुत दमदार माध्यम है। 

दुनिया में किसी भी अमीर आदमी के बारे में जान लें। आपको पता चल जाएगा कि वह बहुत ज्यादा अमीर तभी बने, जब शेयर मार्केट में उनकी एंट्री हुई। इसलिए शेयर मार्केट को नज़रअंदाज़ ना करें। यह बहुत सा पैसा तेजी से बनाने का बहुत अच्छा ऑप्शन हो सकता है। 

शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है? Why Is There Loss In The Stock Market?

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि फिर अधिकतर लोगों को शेयर मार्केट में नुकसान क्यों होता है। नुकसान क्यों होता है? उसके बहुत सारे कारण हैं। उनके बारे में इस बुक में बात करेंगे। लेकिन सबसे आम कारण ये है कि लोग शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने से पहले इसे सीखते नहीं है। 

अगर हमें 10,000 का मोबाइल लेना है, तो हम बहुत सारे मोबाइल देखते हैं, उनके रिव्यू देखते हैं, दोस्तों से पूछते हैं। वही शेयर मार्केट में लोग लाखों रुपये का इनवेस्टमेंट बिना सोचे समझे और फालतू लोगों की देखादेखी में कर देते हैं। इसी कारण शेयर मार्केट में अधिकतर लोगों को नुकसान होता है।

The Intelligent Investor Book Summary in Hindi

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दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक (The Intelligent Investor In Hindi) शेयर मार्केट के आपके सारे संदेह को क्लियर कर देगी। लेकिन इस बुक के साथ बड़ी प्रॉब्लम ये है कि ये बुक केवल अंग्रेजी में ही है। और 623 पेजों के साथ इसे पढ़ना आम आदमी के लिए बहुत मुश्किल है। वैसे इस बुक में अमेरिकी शेयर मार्केट के उदाहरण दिए गए हैं, लेकिन हमने कोशिश की है कि हम आपको भारतीय शेयर मार्केट के उदाहरण से इसे सरल भाषा में आपको समझाएं। 

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अगर आप इनवेस्टिंग और शेयर मार्केट में इंटरेस्ट रखते हैं, साथ ही आपकी इंग्लिश अच्छी है, तो आपको ये बुक जरूर खरीदनी चाहिए। तो चलिए शुरू करते हैं दुनिया के स्टॉक मार्केट पर लिखी गई सबसे बेहतरीन बुक, “दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर”। (The Intelligent Investor In Hindi)

The Intelligent Investor Book Warren Buffett Story in Hindi

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वॉरेन बफे एक ऐसा नाम है जिसे किसी इंट्रोडक्शन की जरूरत नहीं है। आप स्टॉक मार्केट में रुचि रखते हो या नहीं, लेकिन फिर भी, दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल वॉरेन बफे (Warren Buffet) एक ऐसा नाम है जो आपने जरूर सुना होगा। 

स्टॉक मार्केट से कोई कितना कमा सकता है और कितना अमीर बन सकता है, इसे वॉरेन बफेट के उदाहरण से समझा जा सकता है। साल 2018 में वॉरेन बफे का कुल नेटवर्थ करीब 81 बिलियन यूएस डॉलर है। और 1 बिलियन यूएस डॉलर में लगभग 6,50,00,000 भारतीय रुपये होते हैं। 

क्या आप यकीन कर सकते हैं, वॉरेन बफेट ने अपनी शुरुआत केवल पाँच हज़ार रुपये से की थी। और सबसे मजेदार बात ये है कि उन्होंने इतना सारा पैसा और दौलत केवल इनवेस्टिंग के जरिए बनाया है। वॉरेन बफे अपनी सफलता का श्रेय केवल एक इंसान को देते हैं, वह है “बेन्जामिन ग्राहम”, जिन्होंने “दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर” बुक (The Intelligent Investor In Hindi) लिखी है।

Warren Buffett The Intelligent Investor in Hindi 

तो शुरुआत इस महान इन्वेस्टर के विचारों से ही करते हैं, जिनकी जिंदगी केवल इस बुक ने बदल दी। वॉरेन बफेट कहते हैं: 

“मैंने 1950 में “दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर” बुक का पहला एडिशन पढ़ा, जब मैं 19 साल का था। यह निवेश के बारे में अब तक की सबसे अच्छी किताब थी। मुझे लगता है कि यह इन्वेस्टिंग पर लिखी गई सबसे अच्छी किताबें किताबों में से एक है। इन्वेस्टिंग में सफल होने के लिए बहुत ज्यादा बुद्धि की जरूरत नहीं है। बस सही निर्णय और अपने भावनात्मक अनुशासन को कंट्रोल करने की जरूरत है। 

“दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक” (The Intelligent Investor In Hindi) आपको सही निर्णय लेने और भावनात्मक अनुशासन के बारे में अच्छे से बताती है। अगर आप बेंजामिन ग्राहम के नियम और व्यावसायिक सिद्धांत को फॉलो करते हैं, और चैप्टर 8 और 20 को अच्छे से समझ लेते हैं, तो आपको कभी भी अपने इनवेस्टमेंट में नुकसान नहीं उठाना होगा। 

आप शेयर मार्केट में जो भी फायदा प्राप्त करते हैं, वह सब आपके प्रयास और बुद्धि का रिजल्ट है। जो आप अपनी इन्वेस्टिंग पर लागू करते हैं। गलत जानकारी और मूर्खतापूर्ण व्‍यवहार की जगह बेंजामिन ग्राहम को फॉलो करें। और आपको निश्चित रूप से प्रॉफिट होगा”।

Warren Buffet

वॉरेन बफे बेन्जामिन ग्राहम को एक टीचर और लेखक से ज्यादा मानते हैं। वारेन बफे मानते हैं कि उनकी जिंदगी पर सबसे ज्यादा असर बेन्जामिन ग्राहम का ही पड़ा है। (The Intelligent Investor In Hindi)

बेंजामिन ग्राहम कौन थे, और हमें उन्हें क्यों पढ़ना चाहिए? Who was Benjamin Graham? 

बेंजामिन ग्राहम (Benjamin Graham) दुनिया के न केवल बेस्ट इन्वेस्टर्स में से एक थे, इसके अलावा वह व्यावहारिक निवेश विचारक भी थे, जिन्होने इन्वेस्टमेंट को प्रैक्टिकल तरीकों से समझाया है। बेंजामिन ग्राहम के पहले मनी मैनेजर्स अनुमान और अंदाजा जैसे तरीकों का इस्तेमाल करते थे। जैसे इन्वेस्टिंग कोई रॉकेट साइंस हो। 

ग्राहम के 1934 में आई सिक्योरिटी एनालिसिस बुक ने इनवेस्टिंग के पुराने घिसे-पिटे तरीकों को छोड़ कर, नए मॉर्डर्न प्रोफेशन में चेंज कर दिया। “दी इंटेलिजेंट इन्वेस्टर” (The Intelligent Investor In Hindi) पहली किताब है जिसमें व्यक्तिगत इन्वेस्टर्स के लिए इमोशनल फ्रेमवर्क और एनालिटिकल टूल्स के बारे में बताया, जो कि वित्तीय सफलता के लिए बहुत जरूरी है। 

Benjamin Graham Biography in Hindi

बेंजामिन ग्राहम का जन्म 1894 में लंदन में हुआ था। कुछ साल बाद उनका परिवार “न्यू यॉर्क” आ गया। 1903 में बेंजामिन ग्राहम के पिता का निधन हो गया और उनका परिवार गरीबी में रहने लगा। तब ग्राहम की मां ने अपने घर को बोर्डिंग हाउस बना दिया, जिससे उन्हें कुछ किराए मिलने लगा। 

बेंजामिन ग्राहम की मां ने कुछ पैसे उधार लेकर शेयर मार्केट में इनवेस्ट किए, लेकिन 1907 में मार्केट क्रैश होने के कारण उनके सारे पैसे डूब गए। ग्राहम को यह बहुत बुरा लगा। पर इस चीज को उन्होंने पूरी जिंदगी याद रखा। ग्राहम को कोलंबिया यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिलने लगी। 

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1914 में ग्राहम ने ग्रैजुएशन किया। ग्राहम को आखिरी सेमेस्टर में ही यूनिवर्सिटी के तीन डिपार्टमेंट इंग्लिश, फिलॉसफी, और गणित संकाय के लिए ऑफर आ गए। उस वक़्त उनकी उम्र केवल 20 साल थी। अकैडमियों में जाने के बजाय बेंजामिन ग्राहम ने वॉल स्ट्रीट में बॉन्ड ट्रेडिंग फर्म में क्लर्क की नौकरी ज्वाइन कर ली। जल्द ही वह एक एनालिस्ट बन गए। और फिर उसी फर्म में पार्टनर बन गए।  

जल्द ही बेंजामिन ग्राहम स्टॉक मार्केट में अच्छे स्टॉक्स चुनने में मास्टर हो गए। बेंजामिन ग्राहम ने अपना म्यूचुअल फंड, “ग्राहम-न्यूमन क्रॉप” के नाम से शुरू किया, जो वॉल स्ट्रीट की हिस्ट्री में लॉन्ग टर्म में सबसे अच्छा रिटर्न देने वाला म्यूचुअल फंड साबित हुआ। (The Intelligent Investor In Hindi)

Benjamin Graham Investment Strategy, Principles, Rules in Hindi

ग्राहम के स्टॉक मार्केट में सक्सेस में उनके कॉमनसेंस और एक्सपीरिएंस के अलावा कुछ मूल सिद्धांत भी थे जो उन्होंने खुद पैदा किए थे। जो आज भी उतने ही भरोसेमंद है जितने उस वक़्त थे। ये मूल सिद्धांत इस प्रकार है: 

  • 1. एक स्टॉक केवल एक टिकर सिंबल और इलेक्ट्रॉनिक ब्लिप नहीं है। यह बिजनेस में अपकी हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू कंपनी की स्थिति और उसके बिजनेस पर डिपेंड करती है, ना कि शेयर मार्केट के भाव पर। 

इसका मतलब ग्राहम यहाँ पर यह कहना चाह रहे हैं कि अगर आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी में पार्टनर बन जाते हैं। अब कंपनी के प्रॉफिट और लॉस, दोनों में आप हिस्सेदार है। साथ ही किसी कंपनी के काम को केवल उसके शेयर की कीमत से नहीं आका जा सकता है। क्योंकि शेयर मार्केट में भाव कुछ भी हो सकते हैं। 

तो अगर आपको शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना है, तो ये सोचें कि आप कंपनी के पार्टनर बनने जा रहे हैं। और अगर पार्टनर बनना है तो आप किसी खराब कंपनी के पार्टनर बनना तो पसंद नहीं करेंगे। साथ ही शेयर को खरीदते समय कंपनी और उसके बिजनेस पर ध्यान दें, न की शेयर की कीमत पर। 

अधिकतर लोग बिना सोचे समझे ऐसे शेयर खरीदते हैं जो तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्हें कंपनी और उसके काम से कोई मतलब नहीं होता है। इसलिए अधिकतर लोगों को शेयर मार्केट में नुकसान होता है। (The Intelligent Investor In Hindi)

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  • 2. स्टॉक मार्केट एक पेंडुलम की तरह है, जो कि बहुत सारी उम्मीदों और बेमतलब की निराशाओं के बीच झूलता रहता है। बुद्धिमान निवेशक वो है जो उम्मीदों में शेयर बेचता है, जब स्टॉक्स बहुत महंगे होते हैं। और निराशा में शेयर खरीदता है, जब स्टॉक बहुत सस्ता होता है। 

यानी बेंजामिन ग्राहम यहाँ पर यह कहना चाह रहे हैं कि शेयर मार्केट हमेशा ऊपर-नीचे होता रहता है। जैसे ही स्टॉक मार्केट में कोई अच्छी खबर आती है, तो स्टॉक मार्केट ऊपर चला जाता है। वही थोड़ी बहुत गलत खबर में स्टॉक मार्केट नीचे चला जाता है। 

और इस हालात में बुद्धिमान निवेशक शेयर तब खरीदता है जब अधिकतर लोग डर के कारण एक अच्छे स्टॉक को बेच रहे होते हैं। और स्टॉक बेचता तब है जब अच्छा टाइम चल रहा है, और स्टॉक के भाव अच्छे चल रहे हैं। (The Intelligent Investor In Hindi)

इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। 2015 में एक खबर चली कि मैगी में लेड और एमएसजी जैसे खतरनाक तत्व मिले हैं, जो सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। मैगी बनाने वाली कंपनी “नेस्ले इंडिया” ने मैगी के कई पैकेट बाजार से वापस ले लिए। इससे कंपनी के शेयर को बहुत नुकसान हुआ, और कंपनी के एक शेयर की कीमत, जो करीब सात हज़ार रुपये थी, वह सीधे कुछ दिनों में ही पाँच हज़ार रुपये पर आ गई। 

यहां कंपनी के केवल एक प्रोडक्ट के साथ प्रॉब्लम आई थी, बाकि कंपनी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ था। यह निराशा का टाइम था और कंपनी के शेयर नीचे आ गए। कुछ टाइम बाद मैगी दोबारा से मार्केट में आ गया, और अक्टूबर 2018 में, “नेस्ले इंडिया” (Nestle India) के एक शेयर की कीमत करीब 9,000 से 10,000 के बीच हो गई। 

यहां हम आपको किसी कंपनी विशेष के शेयर को खरीदने की राय नहीं दे रही है। बस हम यह समझाना चाह रहे हैं कि जब अमेज़न, फ्लिपकार्ट, या किसी मॉल में कोई सेल लगती है, तो हम सामान खरीदते हैं। उसी तरह शेयर मार्केट में भी सेल का इंतजार करें। जब शेयर के भाव नीचे हों, तब शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करें। 

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जबकि होता हमेशा इसके उल्टा है। जैसे ही शेयर मार्केट गिरता है, लोग दूर भागते हैं। और जब शेयर मार्किट ऊपर होता है, तो लोग इन्वेस्ट करते है। और फिर कहते हैं कि “शेयर मार्किट में  नुकसान होता है”। (The Intelligent Investor In Hindi)

  • 3. किसी स्टॉक में आप कितना अधिक फायदा कमाते हों, यह इस बात पर डिपेंड करता है कि आपने उसे कितने में खरीदा है। अगर आप किसी शेयर को महंगी कीमत पर खरीदते हैं, तो आपको रिटर्न भी कम मिलेगा। 

इसे सरल भाषा में इस तरह समझ सकते हैं कि बुद्धिमान निवेशक किसी शेयर को बेचते टाइम असली मुनाफा नहीं कमाता। वह असली मुनाफा उसे खरीदते टाइम कमाता है। वह इंतजार करता है कि शेयर की कीमत कम हो, और फिर उसे खरीदें। इसे ज्यादा अच्छी तरह हमने दूसरे नंबर के सिद्धांत में समझा ही है। 

  • 4. आप शेयर मार्केट में कितना भी सावधान रहें, फिर भी एक रिस्क हमेशा बना रहता है। वो है गलत होने का रिस्क। इसलिए ग्राहम ने “मार्जिन ऑफ सेफ्टी” का सिद्धांत दिया है। 

मार्जिन ऑफ सेफ्टी का सिद्धांत कहता है कि कभी भी किसी स्टॉक को उसकी रियल वैल्यू से ज्यादा पर नहीं खरीदना चाहिए। चाहे आपको कोई स्टॉक कितना भी लुभावना लगे। शेयर मार्केट में बहुत सावधान रहने के बाद भी रिस्क किस तरह का रहता है, इसे सत्यम घोटाले के उदाहरण से समझते हैं। (The Intelligent Investor In Hindi)

Satyam Computers Scam Case Study & Details in Hindi 

“सत्यम कंप्यूटर” की स्थापना 1987 में हुई, 1992 में यह पब्लिक लिमिटेड कंपनी में तब्दील हुई। इसके बाद यह BSE, NSE और NYSE में लिस्टेड हुई। कंपनी की स्थापना रामालिंगा राजू ने की थी। जब कंपनी घोटाले में फंसी, तब 66 देशों में कंपनी का कारोबार फैला हुआ था। और उस कंपनी में करीब 53,000 कर्मचारी काम कर रहे थे। सत्यम कंप्यूटर और रामालिंगा राजू ने कंप्यूटर सलूशन के बाजार में बड़ी ही तेजी से अपनी जगह बनाई। 

सत्यम घोटाले को देश का अब तक का सबसे बड़ा ऑडिट फ्रॉड माना जाता है, जो 7 जनवरी 2009 को सामने आया था। इस कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन बी रामालिंगा राजू ने खुद कहा की उन्होंने कंपनी के खातों में कई साल तक हेरा-फेरी की थी। और सालों तक मुनाफा बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया था। (The Intelligent Investor In Hindi)

SEBI के मुताबिक फर्जीवाड़े के जरिये 6 करोड़ निवेशकों को सत्यम कंपनी के कर्ता-धर्ताओं ने करीब 7800 करोड़ रुपए का चुना लगाया था। यह ऐसा फ्रॉड था जो एक दिन में नहीं हो सकता था, यह लम्बे समय से चला आ रहा था। क्योंकि रामालिंगा राजू अपने ऑडिटरों की मदद से इसे कर रहे थे। घोटाले से पहले सत्यम कंप्यूटर कंपनी भारत की आईटी कंपनियों में चौथे स्थान पर थी। और घोटाले के बाद यह भारत की सबसे कम वैल्युएबल आईटी कंपनी बन गई। 

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हालांकि बाद में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी से सत्यम कंप्यूटर का अधिग्रहण कर लिया।  अब यहाँ पर यह बात समझने वाली है की निवेशक चाहे कितना भी समझदार हो, अगर कंपनी के ऑडिट में ही फ्राड है तो वह क्या कर सकता है। यह सिर्फ एक उदाहरण है, शेयर मार्किट में ऐसा होता रहता है।

 इसी तरह नीरव मोदी के कारण देश के सबसे बड़े बैंक, “पंजाब नेशनल बैंक” (Punjab National Bank) के शेयर का भाव आधे मुँह गिर गया। इसलिए बेंजामिन ग्राहम की सलाह हमेशा याद रखें, शेयर में चाहे कितना भी सावधान रहें, रिस्क हमेशा बना रहता है। 

  • 5. शेयर मार्किट में आपकी सफलता की चाबी आप खुद है। अगर आप सोच-समझकर और धैर्य के साथ इन्वेस्ट करते है तो शेयर मार्किट की बुरी से बुरी स्थिति में भी आप बचे रह सकते है। आप खुद का अनुशासन डेवलप करते है, और फालतू लोगों की सलाह में नहीं पड़ते। आपके इन्वेस्टमेंट व्यवहार से ज्यादा जरूरी आपका खुद का व्यवहार होता है।

The Intelligent Investor Book Online in Hindi

Conclusion:

हमें उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी, और आपके बहुत काम आएगी। स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करना जोखिम भरा होता है, इसमें प्रॉफिट भी आपका और लॉस भी आपका होता है। इसमें कृपया सावधानी ने इन्वेस्ट करें। इन्वेस्ट करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टर से जरूर सलाह लें। या फिर इसे अच्छी तरह सीख कर ही इन्वेस्ट करें। (The Intelligent Investor In Hindi)

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