दुनिया भर में देखें तो हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटित हुईं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लंबा ही खिंचता जा रहा है।

उधर अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेड ने तीखी टिप्पणी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर से बढ़नी शुरू हो गई है।

साथ ही चीन में कोविड-19 के बढ़ते मामलों ने फिर से डरा दिया है। इसने भारत सहित दुनिया भर के बाजारों पर प्रभाव डाला है।

आदित्य बिरला सन लाइफ AMC के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर महेश पाटिल का कहना है कि भू-राजनीतिक तनावों से महंगाई बढ़ रही है।

हालांकि, संकट की पिछली घटनाओं से पता चलता है कि ऐसी घटनाओं पर इक्विटी बाजार बहुत कम समय में प्रतिक्रिया देते हैं।

पाटिल का कहना इस समय दुनिया भर में जो हालात बने हैं, उस वजह से कमोडिटी की कीमतें खूब बढ़ गई हैंं इससे कारपोरेट जगत के मार्जिन पर असर पड़ रहा है।

इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2023 के लिए ये कारण आमदनी में गिरावट का कारण बन सकती हैं।

लेकिन, अगले 3 वर्षों में आशा करते हैं कि कॉर्पोरेट आमदनी 15% की सीएजीआर से बढ़ेगी। यह लंबी अवधि के औसत से अधिक है।

उनका कहना है कि मध्यम से लंबी अवधि के आधार पर भारत के विकास का अनुमान बरकरार रहने की उम्मीद है।

इसलिए, भारतीय इक्विटी बाजार भी सकारात्मक बने रहेंगे। साथ ही उम्मीद करते हैं कि बाजार का उच्च स्तर पर आगे बढ़ना जारी रहेगा।

इसलिए निवेशकों को आने वाले समय में बेहद सतर्क रहना चाहिए। उन्हें आगे सुधार की स्थिति में अपने इक्विटी एक्सपोजर में जोड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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