एक बड़ी सफलता के बाद जब कोई निर्देशक अपनी अगली फिल्म के साथ थियेटर पहुंचता है तो यकीनन उससे उम्मीदें कई गुणा बढ़ जाती है।

ऐसा ही कुछ बाहुबली की सुपरसक्सेस के बाद निर्देशक एसएस राजामौली (SS Rajamouli) की फिल्म आरआरआर (RRR) को लेकर रहा है।

राम चरण और जूनियर एनटीआर स्टारर निर्देशक एसएस राजामौली की इस फिल्म से दर्शकों और क्रिटिक्स सभी की उम्मीदें काफी ज्यादा है।

तो क्या इस बार भी बाहुबली निर्देशक वही कमाल करने में सफल रहे हैं? फिल्म दर्शकों को थियेटर खींचकर लाने और फिर पैसा वसूल मनोरंजन देने में कितनी सफल रही है?

फिल्म आरआरआर हमें कोमाराम भीम (जूनियर एनटीआर) और अल्लूरी सीताराम राजू (राम चरण) की कहानी को पर्दे पर दिखाती है।

जिसमें उनके असली संघर्षों के बाद एक फिक्शनल स्टोरी की कहानी बैकग्राउंड में दिखाई जाती है।

निर्देशक एसएस राजामौली पुराने जमाने के सिनेमाई अनुभव को छोटे-छोटे पहलुओं के साथ बड़े पैमाने पर, फलते-फूलते कैनवास के साथ जोड़ते हैं।

भीम और राजू उस तरह की दोस्ती का परिचय देती हैं जो हम पुराने दिनों में बॉलीवुड की कई फिल्मों जैसे शोले, याराना, दोस्ताना और दोस्त के जरिए देख चुके हैं।

बेशक, जब आप राजामौली, एनटीआर और राम चरण की इस अनोखी यात्रा में शामिल होते हैं तो बड़े पर्दे पर ये सिर्फ मनोरंजन और शानदार प्रदर्शन के अलावा और कुछ नहीं उम्मीद करते।

आरआरआर एक ब्लूप्रिंट है कि कैसे दर्शकों को एक के बाद एक बड़ी स्क्रीन पर उनके पैसे का पूरा मूल्य दिया जाए। और जानने के लिए क्लिक करें।