गुजरात के वडोदरा शहर में रहने वाली 24 साल की क्षमा बिंदु (Kshama Bindu) ने सदियों से चली आ रही परंपरा को दरकिनार करते हुए बीती 9 जून 2022 को शादी कर ली है।

क्षमा ने सोलोगैमी (Sologamy) को अपनाते हुए न केवल खुद के साथ सात फेरे लिए बल्कि मांग में सिंदूर लगाकर सुहागिन भी बनीं।

यह विवाह बाकी किसी भी नॉर्मल वेडिंग से एकदम अलग था। ऐसा इसलिए क्योंकि इस शादी में ढोल-नगाड़ा, गाना-बजाना तो था, लेकिन जो नहीं था, वो था दूल्हा।

दरअसल, इस तरह की 'ऑटोगैमी शादियों' को लोग सेल्फ लव से जोड़कर देखते हैं, जिसमें वह न केवल खुद से विवाह करते हैं बल्कि अपने असूलों के हिसाब से अपनी आगे की जिंदगी जीते हैं।

क्षमा ने भी खुद को अपना जीवनसाथी मानते हुए, यह फैसला लिया था। लेकिन यहां सोचने वाली बात यह है कि आखिरकार ऐसी क्या मजबूरी थी, जिसकी वजह से क्षमा ने सोलोगैमी विवाह करने का मन बनाया।

क्षमा बिंदु कहती हैं कि 'मेरी हमेशा से इच्छा रही कि मैं भी दूसरी लड़कियों की तरह दुल्हन बनूं-सजूं-संवरू... लेकिन किसी से शादी किए बगैर। ऐसा इसलिए क्योंकि मैं किसी परंपरा में नहीं बंधना चाहती हूं।

पहले मैंने ऑनलाइन सर्च किया कि क्या किसी ने खुद से शादी की है? लेकिन मुझे ऐसा कोई नहीं मिला। इसलिए भी मैंने खुद से शादी करने का फैसला लिया।

इस बात में कोई दोराय नहीं कि शादी दो आत्माओं का मिलन होता है। पार्टनर के आ जाने से न केवल हमारी जिंदगी में एक नया रंग भर जाता है बल्कि आर्थिक सुविधाओं का फायदा भी मिलता है।

लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप खुद को कम महत्व देना शुरू कर दें।

यही एक वजह भी है कि जो लोग खुद से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं या उन्हें लगता है कि कोई भी उनकी जरूरतों को समझ नही पाएगा, तो वह खुद के साथ एक रिश्ता बनाते हैं।

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