ओटीटी पर किस तरह से कलेक्शन करती हैं फिल्में? सिनेमाघरों से ज्यादा होती है कमाई?



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बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा अपने दिलचस्प कंटेंट के चलते काफी समय से लोगों को एंटरटेन कर रहा है। दोनों ही इंडस्ट्री में हर साल तमाम फिल्में बनती हैं और लोग भी इसे बड़े ही चाव से देखते हैं, जिसकी वजह से इंडस्ट्री जमकर बिजनेस करती हैं। हालांकि, कोरोना काल के समय से फिल्मों के बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है। कोरोना काल में सितारों से लेकर आम लोग घर में बंद हो गए और इसी के साथ ही साथ फिल्मों की शूटिंग तक बंद हो गई। वहीं, जब माहौल थोड़ा नॉर्मल हुआ तो लोगों के एक साथ एकत्रित होने पर पाबंदी लग गई। गाइडलाइन्स के साथ फिल्मों की शूटिंग भले ही स्टार्ट हो गई लेकिन सिनेमाघरों में फिल्में रिलीज नहीं हुईं। इस वजह से फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाने लगा ताकि लोगों को घर बैठे-बैठे ही एंटरटेनमेंट का डोज मिलता रहे। अब ओटीटी प्लेटफॉर्म का चलन काफी बढ़ गया है और फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज हो रही हैं। यही नहीं कई फिल्मों को डायरेक्ट इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया जाता है। ऐसे में कई दफा ये ख्याल तो आपके भी मन में आता होगा कि आखिर ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्मों की कमाई कैसे होती है? आइए समझते हैं कि ओटीटी पर रिलीज होने पर फिल्में किस तरह से कमाई करती हैं।

ओटीटी पर फिल्में रिलीज कर कमाई करते हैं मेकर्स

ओटीटी मतलब ओवर द टॉप। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां इंटरनेट के जरिए आप ऐप पर ही फिल्में और वेब सीरीज से लेकर टीवी सीरियल्स तक देख सकते हैं। ओटीटी पर कंटेंट देखने के लिए आपको इंटरनेट के अलावा भी पैसे चुकाने होते हैं। हालांकि, कुछ कंटेंट फ्री में देखने को मिल जाता है। मेकर्स फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज करने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। फिल्में पहले सिनेमाघरों में कमाई करती हैं और फिर ओटीटी पर रिलीज होने पर बिजनेस करती हैं। अब आपके मन में सवाल होता होगा कि सिनेमाघरों में तो टिकट बेचकर मेकर्स पैसा कमा लेते हैं लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म से कमाई कैसे होती है? दरअसल, ओटीटी प्लेटफॉर्म फिल्मों के मेकर्स से राइट्स खरीदते हैं और पैसों को लेकर डील होती है। इस तरह से मेकर्स फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देते हैं और मोटी रकम लेकर कमाई करते हैं। वहीं, कई बार देखा जाता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म खुद की कई फिल्मों को बनवाने के लिए मेकर्स को एक रकम देते हैं। इसके बाद मेकर्स कम रकम में फिल्म बनाकर प्रॉफिट कमाते हैं। बताते चलें कि फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज करना आसान होता है। इसमें मेकर्स को ओटीटी प्लेटफॉर्म से सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट करना होता है और फिल्म पूरे देशभर में रिलीज हो जाती है। सिनेमाघरों में फिल्मों को रिलीज करने के लिए मेकर्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स आदि से बात करनी पड़ती है और स्लॉट और टाइम का भी ध्यान रखना पड़ता है। Also Read – घरवालों के साथ ये 11 OTT Shows देखने की गलती ना करें

ओटीटी पर डायरेक्ट फिल्मों के रिलीज होने पर कमाई

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की कमाई को लेकर लोगों के मन एक सवाल और होता है। वो सवाल है कि सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रोजाना सामने आ जाता है। लेकिन ओटीटी पर डायरेक्ट रिलीज होने वाली फिल्मों की डेली कितनी कमाई हो रही है ये नहीं पता चल पाता है। यूजर्स ओटीटी प्लेटफॉर्म का मासिक या सालाना सब्सक्रिप्शन लेकर पैसे चुकाते हैं जिससे खूब कमाई होती है। ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म हर दिन स्ट्रीमिंग के हिसाब से कमाई करती है, जितनी ज्यादा संख्या में यूजर्स फिल्म को देखते हैं उतनी ज्यादा कमाई होती है। वहीं, बात करें कि फिल्म की सिनेमाघरों में ज्यादा कमाई होती है कि या ओटीटी प्लेटफॉर्म से। इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर फिल्म सिनेमाघरों में अच्छी चल जाए तो ओटीटी से ज्यादा कमाई करती है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म के फिल्मों से कमाई करने के तीन तरीके

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों को देकर मेकर्स मोटी कमाई कर लेते हैं। अब बारी आती है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म किस तरह से कमाई करता है। इसके तीन तरीके होते हैं। एक ‘ट्रांजेक्शनल वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें यूजर्स प्लेटफॉर्म से कुछ डाउनलोड करने का पैसा देता है। दूसरा ‘सब्सिक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें यूजर महीनेभर का सब्सक्रिप्शन लेकर कंटेंट देखता है। तीसरा ‘एडवरटाइजिंग बेस्ड वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें कंटेंट फ्री होता है लेकिन बीच-बीच में विज्ञापन आते हैं और इन्हें स्किप नहीं किया जा सकता है, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म अच्छी कमाई करते हैं। Also Read – BL Awards 2021 Best Actor (OTT): अमिताभ बच्चन, राजकुमार राव या फिर केके मेनन, बीते साल में ओटीटी पर चला किस स्टार का सिक्का?

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बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा अपने दिलचस्प कंटेंट के चलते काफी समय से लोगों को एंटरटेन कर रहा है। दोनों ही इंडस्ट्री में हर साल तमाम फिल्में बनती हैं और लोग भी इसे बड़े ही चाव से देखते हैं, जिसकी वजह से इंडस्ट्री जमकर बिजनेस करती हैं। हालांकि, कोरोना काल के समय से फिल्मों के बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है। कोरोना काल में सितारों से लेकर आम लोग घर में बंद हो गए और इसी के साथ ही साथ फिल्मों की शूटिंग तक बंद हो गई। वहीं, जब माहौल थोड़ा नॉर्मल हुआ तो लोगों के एक साथ एकत्रित होने पर पाबंदी लग गई। गाइडलाइन्स के साथ फिल्मों की शूटिंग भले ही स्टार्ट हो गई लेकिन सिनेमाघरों में फिल्में रिलीज नहीं हुईं। इस वजह से फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाने लगा ताकि लोगों को घर बैठे-बैठे ही एंटरटेनमेंट का डोज मिलता रहे। अब ओटीटी प्लेटफॉर्म का चलन काफी बढ़ गया है और फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज हो रही हैं। यही नहीं कई फिल्मों को डायरेक्ट इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया जाता है। ऐसे में कई दफा ये ख्याल तो आपके भी मन में आता होगा कि आखिर ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्मों की कमाई कैसे होती है? आइए समझते हैं कि ओटीटी पर रिलीज होने पर फिल्में किस तरह से कमाई करती हैं।
ओटीटी पर फिल्में रिलीज कर कमाई करते हैं मेकर्स
ओटीटी मतलब ओवर द टॉप। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां इंटरनेट के जरिए आप ऐप पर ही फिल्में और वेब सीरीज से लेकर टीवी सीरियल्स तक देख सकते हैं। ओटीटी पर कंटेंट देखने के लिए आपको इंटरनेट के अलावा भी पैसे चुकाने होते हैं। हालांकि, कुछ कंटेंट फ्री में देखने को मिल जाता है। मेकर्स फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज करने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। फिल्में पहले सिनेमाघरों में कमाई करती हैं और फिर ओटीटी पर रिलीज होने पर बिजनेस करती हैं। अब आपके मन में सवाल होता होगा कि सिनेमाघरों में तो टिकट बेचकर मेकर्स पैसा कमा लेते हैं लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म से कमाई कैसे होती है? दरअसल, ओटीटी प्लेटफॉर्म फिल्मों के मेकर्स से राइट्स खरीदते हैं और पैसों को लेकर डील होती है। इस तरह से मेकर्स फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देते हैं और मोटी रकम लेकर कमाई करते हैं। वहीं, कई बार देखा जाता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म खुद की कई फिल्मों को बनवाने के लिए मेकर्स को एक रकम देते हैं। इसके बाद मेकर्स कम रकम में फिल्म बनाकर प्रॉफिट कमाते हैं। बताते चलें कि फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज करना आसान होता है। इसमें मेकर्स को ओटीटी प्लेटफॉर्म से सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट करना होता है और फिल्म पूरे देशभर में रिलीज हो जाती है। सिनेमाघरों में फिल्मों को रिलीज करने के लिए मेकर्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स आदि से बात करनी पड़ती है और स्लॉट और टाइम का भी ध्यान रखना पड़ता है। Also Read – घरवालों के साथ ये 11 OTT Shows देखने की गलती ना करें
ओटीटी पर डायरेक्ट फिल्मों के रिलीज होने पर कमाई
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की कमाई को लेकर लोगों के मन एक सवाल और होता है। वो सवाल है कि सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रोजाना सामने आ जाता है। लेकिन ओटीटी पर डायरेक्ट रिलीज होने वाली फिल्मों की डेली कितनी कमाई हो रही है ये नहीं पता चल पाता है। यूजर्स ओटीटी प्लेटफॉर्म का मासिक या सालाना सब्सक्रिप्शन लेकर पैसे चुकाते हैं जिससे खूब कमाई होती है। ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म हर दिन स्ट्रीमिंग के हिसाब से कमाई करती है, जितनी ज्यादा संख्या में यूजर्स फिल्म को देखते हैं उतनी ज्यादा कमाई होती है। वहीं, बात करें कि फिल्म की सिनेमाघरों में ज्यादा कमाई होती है कि या ओटीटी प्लेटफॉर्म से। इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर फिल्म सिनेमाघरों में अच्छी चल जाए तो ओटीटी से ज्यादा कमाई करती है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म के फिल्मों से कमाई करने के तीन तरीके
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों को देकर मेकर्स मोटी कमाई कर लेते हैं। अब बारी आती है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म किस तरह से कमाई करता है। इसके तीन तरीके होते हैं। एक ‘ट्रांजेक्शनल वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें यूजर्स प्लेटफॉर्म से कुछ डाउनलोड करने का पैसा देता है। दूसरा ‘सब्सिक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें यूजर महीनेभर का सब्सक्रिप्शन लेकर कंटेंट देखता है। तीसरा ‘एडवरटाइजिंग बेस्ड वीडियो ऑन डिमांड’ होता है इसमें कंटेंट फ्री होता है लेकिन बीच-बीच में विज्ञापन आते हैं और इन्हें स्किप नहीं किया जा सकता है, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म अच्छी कमाई करते हैं। Also Read – BL Awards 2021 Best Actor (OTT): अमिताभ बच्चन, राजकुमार राव या फिर केके मेनन, बीते साल में ओटीटी पर चला किस स्टार का सिक्का?

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